PF Interest Rate 2026: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (PF) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। Employees’ Provident Fund Organisation के करीब 31 करोड़ सब्सक्राइबर्स को इस साल मिलने वाली ब्याज दर (Interest Rate) पर जल्द फैसला हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार ब्याज दर 8.2% से 8.25% के बीच तय की जा सकती है।
पिछले साल कितना मिला था ब्याज?
वित्त वर्ष 2023-24 में पीएफ पर 8.25 फीसदी ब्याज दिया गया था। इससे पहले 2022-23 में 8.15% और 2021-22 में 8.1% ब्याज तय किया गया था, जो चार दशक में सबसे कम था। अब सभी की नजर इस साल होने वाली घोषणा पर टिकी है, क्योंकि स्टॉक मार्केट (Stock Market Return) और बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) में उतार-चढ़ाव का असर ईपीएफओ की कमाई पर पड़ा है।
क्यों बदल सकती है दर?
सूत्रों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण इक्विटी निवेश से उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिला। ईपीएफओ का बड़ा हिस्सा सरकारी बॉन्ड में निवेशित है, लेकिन वहां भी यील्ड में कमी देखी गई है। ऐसे में आय (Income Profile) कम रहने की संभावना जताई जा रही है, जिसका सीधा असर ब्याज दर पर पड़ सकता है।
कैसे तय होती है ब्याज दर? (Process Explained)
ईपीएफओ का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) इस पर अंतिम सिफारिश करता है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya करेंगे। CBT की मंजूरी के बाद प्रस्ताव वित्त मंत्रालय (Finance Ministry Approval) को भेजा जाता है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद नई ब्याज दर लागू होती है और अगले वित्तीय वर्ष के दौरान सदस्यों के खातों में क्रेडिट की जाती है।
क्या कटेगा ब्याज या मिलेगी राहत?
कुछ ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों का मानना है कि बढ़ते कॉर्पस (Investment Corpus) और पिछले साल के सरप्लस को देखते हुए ब्याज दर में कटौती नहीं होनी चाहिए। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए मामूली बदलाव संभव है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि होली से पहले सरकार 31 करोड़ पीएफ मेंबर्स को क्या तोहफा देती है। ब्याज दर में स्थिरता या कटौती—दोनों ही फैसले करोड़ों सैलरीड कर्मचारियों की जेब पर असर डालेंगे।