UP Free Scooty Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही बेटियों की सुविधा के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना (Rani Laxmi Bai Scooty Scheme) शुरू की है। इस योजना का मकसद लड़कियों को कॉलेज आने-जाने में मदद देना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और पढ़ाई बीच में छूटने (drop-out) की समस्या को कम करना है।
इस योजना का नाम वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के सम्मान में रखा गया है। सरकार का मानना है कि सुरक्षित और आसान परिवहन मिलने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित
यूपी विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026 में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मेधावी छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ का ऐलान किया है। सरकार ने इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
किन छात्राओं को मिलेगी स्कूटी? देखें पात्रता
योजना का लाभ केवल उन्हीं लड़कियों को दिया जाएगा जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हों।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| निवास | उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी |
| पढ़ाई | ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन (Regular Course) |
| मेरिट | अच्छे अंक (Meritorious Students) |
| परिवार आय | सालाना 2.5 लाख रुपये से कम |
सरकार ने आय सीमा इसलिए तय की है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता मिल सके।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
आवेदन करते समय छात्राओं को कुछ जरूरी कागजात अपलोड करने होते हैं।
| दस्तावेज | उपयोग |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान प्रमाण (ID Proof) |
| निवास प्रमाण पत्र | राज्य की पुष्टि |
| मार्कशीट | मेरिट जांच |
| कॉलेज आईडी | एडमिशन सत्यापन |
| बैंक पासबुक | रिकॉर्ड वेरिफिकेशन |
| फोटो | आवेदन प्रोफाइल |
आवेदन कैसे करें? (Online Apply Process)
इस स्कीम की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन (online application) रखी गई है – Note – अभी आवेदन पोर्टल लॉन्च नहीं हुआ है।
- उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- स्कूटी योजना फॉर्म भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें।
- सत्यापन के बाद चयन सूची जारी।
चयनित छात्राओं को जिले के नोडल सेंटर से सूचना दी जाती है और वहीं स्कूटी वितरण (distribution) किया जाता है।
क्यों खास है यह योजना?
यह सिर्फ एक स्कूटी नहीं बल्कि शिक्षा तक पहुंच (access to education) का साधन है। दूरदराज गांवों की कई छात्राएं रोज आने-जाने की परेशानी से पढ़ाई छोड़ देती हैं। इस योजना से उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
अगर आपके आसपास कोई पात्र छात्रा है, तो उसे आवेदन जरूर करवाएं — हो सकता है अगली स्कूटी उसी के नाम हो।